हर साँस तेरी गुलाम

“अपनी हर साँस तेरी गुलाम कर रखी है,
लोगों मे ये ज़िंदगी बदनाम कर रखी है,
आईना भी नहीं अब तो किसी काम का,
हमने तो अपनी परछाईं भी तेरे नाम कर रखी है.”

Continue Reading
1 15 16 17