तेरे सीने से

तेरे सीने से लग कर तेरी आरज़ू बन जाऊँ, तेरी सांसों से मिलकर तेरी खुशबू बन जाऊँ, फासले न रहें कोई हम दोनों के दरम्यान, मैं, मैं न रहूँ… बस तू ही तू बन जाऊँ।

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सुन पगली मेरी

सुन पगली मेरी यही ख़्वाहिश है, हर पल हम साथ हो, मेरे हाथो में तेरा हाथ हो, जहाँ भी देखें एक साथ देखें, तुम मेरी नज़र से देखो और मैं तुम्हारी नज़र से.

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एक पल की

एक पल की ये बात नहीं, दो पल का ये साथ नहीं, कहने को तो जिन्दगी जन्नत से प्यारी है, पर वो साथ ही क्या जिसमे तेरा हाथ नहीं.

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